
कोरबा 2 फरवरी। कोरबा लोकसभा क्षेत्र सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘निराशाजनक और उद्योगपतियों के पक्ष में बनाया गया बजट’ बताया। साँसद श्रीमती महंत के अनुसार यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि बड़े व्यापारिक घरानों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है।
उन्होंने बजट को लेकर यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को बजट में नजरअंदाज किया गया है, जबकि चुनावी राज्यों पर अधिक ध्यान दिया गया है। साँसद श्रीमती महंत ने बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बजट में इन प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं। साँसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने साफ तौर पर कहा कि ‘यह बजट आम लोगों के लिए राहत देने में विफल रहा है और किसानों, युवाओं तथा मध्यम वर्ग की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान नहीं देता।’ केंद्र सरकार व वित्त मंत्री को देश की जनता को बताना चाहिए की इस बजट में आम और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए क्या कुछ है, रेल के मामले में यात्री सुविधाओं के नाम पर वह बजट पूरी तरह देश की जनता को निराश करता है।

विकास और सामाजिक संतुलन का बजट, नए भारत की मजबूत नींव-महापौर संजू देवी राजपूत
कोरबा जिला नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट की सराहना करते हुए इसे विकास और सामाजिक संतुलन का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा केंद्र में हैं। यह बजट समावेशी सोच को दर्शाता है और जनहित को प्राथमिकता देता है।
महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ा हुआ फोकस आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। सडकों, रेलवे, शहरी सुविधाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी में किए गए निवेश से न केवल विकास की गति तेज होगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने आगे बताया कि मध्यम वर्ग को राहत देने वाले प्रावधानों से उपभोग बढ़ेगा, जिससे बाजार में मांग मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं किसानों के हित में की गई घोषणाएं कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाएंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी। स्टार्टअप औरसेक्टर के लिए घोषित प्रोत्साहन आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होंगे। डिजिटल इंडिया, ग्रीन एनर्जी और शहरी विकास से जुड़े कदमों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक आधारित सेवाओं और स्मार्ट शहरों की दिशा में उठाए गए कदम आने वाली पीढियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेंगे। छत्तीसगढ़ को माइनिंग कॉरिडोर की सौगात मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महापौर ने कहा कि इससे राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला साबित होगा। अंत में उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट विकास, रोजगार और सामाजिक संतुलन का बजट है, जो देश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और एक सशक्त, समृद्ध भारत की मजबूत नींव रखेगा।

निराशावादी बजट- एटक नेता दिपेश मिश्रा
एटक नेता दिपेश मिश्रा ने कहा कि आर्थिक सुस्ती के माहौल मे पेश यह एक निराशावादी बजट है, आर्थिक मंदी को दूर करने के लिए उपभोग एवं निवेश मे वृद्धि आवश्यक है लेकिन बजट मे ऐसा कोई प्रोत्साहन नहीं है इसी तरह बजट मे सैलेरीड क्लास को निल बटे सन्नाटा याने आयकर जस का तस न स्लैब बदला-न कोई छूट इसके साथ ही बजट मे आम जनता एवं मजदूरों के लिए कुछ भी नहीं है खासकर देश के 52 करोड़ मेहनतकश असंगठित मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के लिए सरकार ने बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है, कुलमिलाकर यह बजट अपेक्षाओं की कसौटी पर पूणत: निराशाजनक है।
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