राष्ट्रव्यापी हड़ताल को विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन का मिला समर्थन

संगठन से जुड़े कर्मचारी काली पट्टी लगाकर करेंगे काम

कोरबा 08 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून लेबर कोड, पावर कम्पनियों के निजीकरण, ओपीएस की जगह यूपीएस लागू करने तथा संविदाकर्मियों को 10 साल की सेवा के बाद भी नियमित नहीं करने के आरोप लगाते हुए इसके विरोध में आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को अखिल भारतीय विद्युत कामगार महासंघ से सम्बद्ध एवं मान्यता प्राप्त एकमात्र ट्रेड यूनियन संगठन छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने नैतिक समर्थन देने का फैसला किया है।

इस संदर्भ में जनता यूनियन के प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने अधिकृत जानकारी देते हुए बताया की ष्वे छत्तीसगढ़ में कार्यरत बिजलीकर्मियों से 12 फरवरी के इस अखिल भारतीय हड़ताल को बाहर से समर्थन देने तथा कर्मचारी हित, हक और सम्मान के लिए आवाज बुलंद करने का आह्वान करते हैं।ष् उन्होंने विद्युत कम्पनी में कार्यरत कर्मचारियों से आह्वान करते हुए कहा है कि 12 फरवरी को कर्मचारी ड्यूटी पर आने के बाद काम शुरू करने से पहले अपने अपने कार्यालय के समक्ष केंद्र सरकार की दमनकारी श्रम नीति तथा अन्य प्रस्तावित मांगों की वादाखिलाफी के विरोध में नारेबाजी करें तथा सम्पूर्ण दिवस काली पट्टी बांधकर काम करें।

जनता यूनियन के प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी और प्रांतीय महासचिव अजय बाबर ने संयुक्त रूप से बताया कि जनता यूनियन इलेक्ट्रसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं नेशनल इलेक्ट्रसिटी पालिसी 2026 को वापस लेने, न्यूक्लियर पावर सेक्टर में निजी घराने के बडे पैमाने पर प्रवेश हेतु बनाये गए ष्शांति एक्टष् को वापस लेने के साथ ही उत्पादन के क्षेत्र में जॉइंट वेंचर समाप्त करने के साथ ही ट्रांसमिशन सेक्टर में टैरिफ बेस्ड काम्पटेटिव बिडिंग के नाम पर हो रहे, निजीकरण को तत्काल रोके जाने, पुरानी पेंशन बहाली तथा संविदा कर्मियों की सेवा नियमितीकरण, रिक्त पडे सभी पदों पर शीघ्र भर्ती किये जाने हेतु राज्य शासन एवं कंपनी प्रबंधन को मांगपत्र प्रेषित कर आंदोलनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करेगी।

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