म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी में संलिप्त 03 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा. जिला पुलिस द्वारा भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल खातों (Mule Accounts) पर सतत निगरानी एवं कार्यवाही की जा रही थी। म्यूल अकाउंट से तात्पर्य ऐसे बैंक खाते से है, जिसे खाता धारक द्वारा पैसे के लालच में किराए पर दे दिया जाता है, ताकि साइबर ठगों द्वारा ठगी की राशि को उस खाते में प्राप्त किया जा सके एवं वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाई जा सके। ऐसा कृत्य कानूनन अपराध है।

इसी क्रम में समन्वय पोर्टल से प्राप्त मूल खाता धारकों की जानकारी के तकनीकी विश्लेषण के दौरान यह पाया गया कि थाना कुसमुंडा व थाना उरगा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों द्वारा नए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में साइबर ठगों को उपलब्ध कराया गया, जिनका उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने हेतु किया गया।

प्रकरण में साइबर पुलिस थाना कोरबा एवं थाना कुसमुंडा की संयुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दो आरोपी, एम. डी. तवरेज पिता– एम. डी. गयासुद्दीन उम्र– 23 वर्ष तथा पुष्पेंद्र साहू, पिता – श्याम सुंदर साहू उम्र– 22 वर्ष दोनों निवासी– आनंद नगर थाना– कुसमुंडा, जिला– कोरबा (छत्तीसगढ़), को गिरफ्तार किया गया। उक्त दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 61(2)(ए) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दिनांक 08.02.2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिनांक 21.02.2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

वहीं थाना उरगा पुलिस द्वारा आरोपी संजय मिरी पिता– शिवकुमार मिरी उम्र– 36 वर्ष निवासी– बरपाली सतनामीपारा थाना– उरगा जिला– कोरबा (छत्तीसगढ़) के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उक्त आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 90/2026 अंतर्गत धारा 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस अपील

👉🏻 कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी या बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
👉🏻 अपने बैंक खाते को किराए पर देना या किसी अन्य को उपयोग हेतु देना दंडनीय अपराध है।
👉🏻 साइबर अपराध से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल जानकारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाना / साइबर पुलिस थाना को दें।

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