प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

निगम क्षेत्र में 15 फरवरी तक चलेगा योजनांतर्गत विशेष पंजीकरण अभियान
अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों, कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से किया जाएगा आन द स्पाट पंजीकरण

कोरबा 03 फरवरी। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं एन.पी.एस. टेªडर्स योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु कोरबा नगर निगम क्षेत्र में 15 फरवरी तक विशेष पंजीकरण अभियान संचालित किया जा रहा है, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र से संबंधित उन श्रमिकों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रूपये की न्यूनतम मासिक पेंशन सुनिश्चित करती है, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपये तक है। आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने आदेश जारी कर निगम के उपायुक्त श्री पवन वर्मा को योजना का नोडल अधिकारी नियुक्त कर उन्हें श्रम आयुक्त कोरबा से समन्वय स्थापित कर शासन के निर्देशानुसार योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु त्वरित रूप से आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।

नगर पालिक निगम कोरबा में योजना के नोडल अधिकारी उपायुक्त श्री पवन वर्मा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा भारत के असंगठित श्रमिकों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के मद्देनजर जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का संचालन देश में किया जा रहा है, यह योजना केन्द्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा श्रमिकों को बुढापे में मासिक पेंशन सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई एक स्वेच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सम्मान है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान करते हैं। ई-श्रम पोर्टल के अनुसार 31 दिसम्बर 2024 तक 30 करोड़ 51 लाख से ज्यादा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर पंजीकृत हैं, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के इन श्रमिकों के लिए बुढापे में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अनेक लाभ प्रदान करती है। योजना के अंतर्गत श्रमिकों के पंजीकरण हेतु विशेष अभियान शहरी क्षेत्रों में 15 जनवरी से 15 फरवरी तक चलाया जा रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 16 फरवरी से 15 मार्च तक विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा।

असंगठित क्षेत्र के इन कामगारों को किया गया योजना में शामिल – असंगठित क्षेत्र के कामगारों में ज्यादातर घर में काम करने वाले मजदूर, रेहणी पटरी वाले, मिड डे मील वर्कर, सिर पर बोझा ढोने वाले, ईंट भट्टा मजदूर, मोची, कूडा बीनने वाले मजदूर, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चालक, भूमिहीन मजदूर, कृषि मजदूर, निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूर, बीडी मजदूर, हथकरघा मजदूर, चमड़ा मजदूर, आडियो विजुअल मजूदर या इसी तरह के दूसरे कामों में लगे हुए कामगार शामिल हैं।

स्वेच्छिक एवं अंशदायी सुनिश्चित पेंशन योजना – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना स्वेच्छिक योजना है, जो श्रमिकों को उनकी सामर्थ और आवश्यकता के आधार पर अंशदान करने की सुविधा प्रदान करती है तथा इसमें सरकारी अंशदान के रूप में केन्द्र सरकार के द्वारा श्रमिक के द्वारा किए गए अंशदान के बराबर अंशदान जमा कराया जाता है, योजना अंतर्गत 18 वर्ष आयु हेतु 55 रूपये, 20 वर्ष हेतु 65 रूपये, 25 वर्ष हेतु 80 रूपये, 30 हेतु 105 रूपये, 35 वर्ष हेतु 150 रूपये तथा 40 वर्ष की आयु वाले श्रमिकों हेतु 200 रूपये मासिक अंशदान जमा करने का प्रावधान हैं, वहीं इसी के समान अंशदान भारत सरकार द्वारा भी जमा कराया जाता है, लाभार्थी की आयु 60 वर्ष होने के बाद उसे जीवन भर 300 रूपये प्रतिमाह की निश्चित पेंशन मिलने शुरू हो जाती है, यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है तो पति या पत्नी को पेंशन राशि का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में प्राप्त होता है।

योजना में पंजीकरण हेतु पात्रता – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीकरण हेतु श्रमिक की आयु 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए तथा उसकी मासिक आय 15 हजार रूपये या उससे कम होनी चाहिए, इसके साथ ही उन्हें असंगठित क्षेत्र में उपरोक्तानुसार व्यवसायों का श्रमिक होना भी आवश्यक है। श्रमिक को कर्मचारी भविष्यनिधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, राष्ट्रीय पेंशन योजना आदि के अंतर्गत कवर नहीं होना चाहिए, उन्हें आय करदाता भी नहीं होना चाहिए तथा किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ उन्हें नहीं प्राप्त हो रहा है, यह सुनिश्चित करना चाहिए।

कामन सर्विस सेंटर में पंजीकरण सुविधा उपलब्ध – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीकरण की सुविधा सभी कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से उपलब्ध है, पंजीकरण के इच्छुक श्रमिक आधार कार्ड और बचत बैंक खाता पासबुक के साथ किसी भी कामन सर्विस सेंटर में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं, वैकल्पिक रूप से पात्र श्रमिक मानधन पोर्टल के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं। वहीं इस संबंध में और अधिक जानकारी के लिए वे श्रम विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।

Check Also

मजदूरी से ‘मशरूम दीदी’ तक का सफर : बालको की उन्नति परियोजना ने गंगोत्री विश्वकर्मा की जिंदगी को दी नई उड़ान

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की …